लोन नहीं दे पा रहे हैं? तो डरने की कोई जरुरत नहीं - जान लें ये नियम!

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वास्तविक पर्सनल लोन डिफॉल्टरों के लिए बैंक क्या कर सकते हैं?

इसके भी नियम हैं, और बैंक उन नियमों के तहत लोन डिफ़ॉल्टर की मदद करने के लिए सब कुछ करेगा।

लेकिन बैंक डिफॉल्टरों की मदद क्यों करेंगे? क्योंकि लोन को एनपीए में न बदलने देना भी उनके हित में है। 

तो एक डिफ़ॉल्टर को क्या करना चाहिए कि वह सक्रिय रूप से बैंक से संपर्क करे और उन्हें समस्या के बारे में सूचित करे।

बैंक दो तरह से ईएमआई घटा सकते हैं: (a) लोन अवधि का विस्तार,  (b) असुरक्षित लोन को एक सुरक्षित लोन में परिवर्तित करके

1. कम EMI

यहां बैंक एक निश्चित अवधि (जैसे 3-6 महीने) के लिए ईएमआई संग्रह को माफ करने के लिए सहमत हो सकते हैं।

2. ईएमआई मुक्त अवधि 

जब कोई बैंक ‘हेयरकट’ लेता है, तो इसका मतलब है कि वह किसी विशेष लोन खाते में देय राशि से कम राशि स्वीकार करता है।

3. “हेयरकट” स्वीकार करें

"हेयरकट"  क्या है......... इसके बारे में जानने के लिए यहाँ क्लीक करें 

बैंक इस कदम का सहारा तभी लेगा जब किसी लोन को एनपीए माना जाएगा। इसका मतलब है कि उपरोक्त तीन चरण विफल हो चुके होते हैं।

4. SARFAESI Act.

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